फरीदाबाद

उपायुक्त यशपाल ने कहा कि कोविड-19 के कारण लगे लाॅकडाउन के दौरान जिला में अन्य राज्यों से एंट्री पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। इन राज्यों की सीमाओं से सटे गांवों व कालोनियों में ठीकरा पहरा लगवाएं, ताकि बाहरी क्षेत्रों से संभावित मूवमेंट न हो सके।

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उपायुक्त यशपाल ने कहा कि कोविड-19 के कारण लगे लाॅकडाउन के दौरान जिला में अन्य राज्यों से एंट्री पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। इन राज्यों की सीमाओं से सटे गांवों व कालोनियों में ठीकरा पहरा लगवाएं, ताकि बाहरी क्षेत्रों से संभावित मूवमेंट न हो सके।
उपायुक्त वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला संकट निगरानी समिति की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला की सभी तहसीलों में रजिस्ट्रियां शुरू कर दी जाएं, लेकिन इसके लिए कार्यालय में कम से कम स्टाफ रहे। एक समय में बाहर से केवल एक व्यक्ति को ही अंदर आने दें। दिन में होने वाली रजिस्ट्रियों की संख्या भी कम रखें। इस कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है, जिसकी अनुपालना सभी तहसीलों में होनी चाहिए। समिति के सभी सदस्यों ने आवश्यक वस्तुओं के सामान की दुकानों के खोलने के समय में बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया, जिस पर उपायुक्त ने कहा कि दुकानों का समय बढ़ाने से उन पर भीड़ में कमी आएगी, इसलिए इस समय को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से प्राइवेट अस्पताल, कैमिस्ट, सर्वे व अन्य स्रोतों से कोविड-19 से संबंधित प्रतिदिन आने वाली सूचनाओं के संबंध में जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि सभी जगहों से निरंतर सूचनाएं मिल रही हैं तथा उसी आधार पर ऐसे लोगों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि सर्वे के दौरान अगर किसी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ किसी व्यक्ति या समुदाय की ओर से कोई घटना की जाती है तो सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार ऐसे व्यक्तियों को कम से कम 3 महीने की सजा व 50 हजार जुर्माना की सजा से अधिकतम 7 साल की सजा व 5 लाख रूपए तक जुर्माना की सजा हो सकती है।
इसके अलावा
उपायुक्त की अध्यक्षता में औद्योगिक क्षेत्रों की अनुमति के लिए गठित कमेटियों की बैठक हुई, जिसमें प्राप्त आवेदनों के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। उपायुक्त ने कहा ऐसे उद्योग जो लेबर की मूवमेंट नहीं करेंगे तथा कार्यस्थल पर ही लेबर को रखने की व्यवस्था करेंगे, उन्हें लाॅकडाउन की हिदायतों की अनुपालना की शर्त सहित अनुमति दी जा सकती है। इसी प्रकार जिन उद्योगों को कम स्टाफ के साथ अनुमति चाहिए, उन्हें भी परमिशन दी जाए। इसके अलावा बडे़ डद्योगों में लेबर व स्टाफ की मूवमेंट की स्थिति आदि चेक करने उपरांत ही डिसिजन लिया जाए। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत जोन में किसी भी प्रकार की अनुमति न दी जाए। उद्योग चलाने की अनुमति के साथ ही सभी उद्योगों में सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य हिदायतों की अनुपालना अवश्यक की जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लबगढ़ त्रिलोकचंद, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, संयुक्त आयुक्त एमसीएम विरेंद्र सिंह, जीएम डीआईसी ईश्वर ंिसंह, उप सिविल सर्जन डा. रामभगत सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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