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मानव रचना हैप्पी टाइम्स में आईएएस मीर मोहम्मद से बातचीत

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मानव रचना हैप्पी टाइम्स में आईएएस मीर मोहम्मद से बातचीत

  • केरेला कैडर के आईएआए हैं मीर मोहम्मद अली
  • छात्रों को फेक न्यूज के प्रति किया जागरूक
  • जीवन में स्थिरता सबसे ज्यादा जरूरी- मीर मोहम्मद

फरीदाबाद, 27 जून मानव रचना हैप्पी टाइम्स के आठवें ऑनलाइन अंक में केरेला कैडर के 2011 बैच के आईएएस मीर मोहम्मद अली ने हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई बातों को छात्रों के साथ साझा किया. उन्होंने बताया, कि स्कूल खत्म होने के बाद अकसर छात्र यह नहीं जानते आखिर उन्हें आगे क्या करना है, इसलिए वह उसी राह पर चल को चुन लेते हैं जहां सब चल रहे होते हैं. उन्होंने भी ऐसा किया और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू कर दी. वह एक एवरेज स्टूडेंट थे, उन्हें नहीं पता कि आगे करना क्या है, लेकिन वह हमेशा से ही कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे वह आम लोगों से जुड़ सकें और उनके लिए कुछ कर सकें. उन्होंने बताया अगर वह आईएएस नहीं होते तो एक पत्रकार या लेक्चरर होते.

इंजीनियरिंग के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि वह आगे नहीं पढ़ पाएंगे. लेकिन माता-पिता के कहने पर उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई तो पूरी की लेकिन नौकरी नहीं की. उन्होंने बताया कि वह पहली बार चेन्नई से बाहर निकले और दिल्ली में आईएएस की कोचिंग शुरू की. क्लास में 300 से ज्यादा अधिक छात्र होते थे जिनमें से कुछ ऐसे थे जो शिक्षक द्वारा पूछे गए सवाल खत्म होने पर तुरंत जवाब दे देते थे. उन्होंने यह देखकर काफी आश्चर्य होता था, लेकिन उन्होंने छह महीने की तैयारी के बाद फर्स्ट अटेंप्ट में उन्होंने सिविल सर्विसेज का प्रि-लिम्स एग्जाम पास कर लिया, जिसके बाद उनके जीवन में स्थिरता आ गई.

मीर मोहम्मद अपने जिले में छात्रों को फेक न्यूज के से लड़ना सिखाया. उन्होंने बताया, आजकल सबकुछ ऑनलाइन हो गया है शादी, दोस्ती, मूवी. बढ़ते तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ फ्रॉड और फेक न्यूज भी बढ़ता जा रहा है. जब उन्होंने इसे लेकर जिले के अभिभावकों के साथ बात की उन्होंने पाया कि अभिभावक ऑनलाइन इन्फोर्मेशन पर ज्यादा विश्वास करते हैं. इंटरनेट पर अच्छी चीजों के साथ-साथ बुरी चीजें कई ज्यादा मौजूद हैं. उनका मानना है कि जब एक व्यक्ति हेल्थ, प्रोफेश्नल और पॉलिटिकल च्वाइस बना सकता है तो इन्फॉर्मेशन को लेकर क्यों नहीं. उन्होंने छात्रों से बात की, क्योंकि उनका मानना था कि बच्चे ही परिवारवालों की सोच बदल सकते हैं. जिसके बाद उन्होंने छात्रों को फेक न्यूज से लड़ने के लिए सशक्त बनाया.

कार्यक्रम में मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के वीपी डॉ. अमित भल्ला समेत छात्र और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.

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