फरीदाबादहरियाणा

व्यक्ति के जीवन में गुरु की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। गुरु ही व्यक्ति को अवगुणों से दूर हटाकर उसे गुण व ज्ञान से परिपूर्ण बनाता है।

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फरीदाबाद, 5 सितम्बर। व्यक्ति के जीवन में गुरु की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। गुरु ही व्यक्ति को अवगुणों से दूर हटाकर उसे गुण व ज्ञान से परिपूर्ण बनाता है। उपायुक्त यशपाल ने लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को आज शिक्षा दिवस पर सम्मानित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों को सम्मानित करते हुए कहा कि अपनी इसी महत्ता के कारण समाज में गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा माना गया है। गुरु, विष्णु भी है, क्योंकि वह शिष्य की रक्षा करता है। गुरु, साक्षात महेश्वर भी है क्योंकि वह शिष्य के सभी दोषों का संहार भी करता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर कहते हैं “हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहिं ठौर” गुरु की महिमा अपार और अनंत है जो शब्दों से बयान नही होती। गुरु शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है- ‘गु’ का अर्थ होता है अंधकार (अज्ञान) एवं ‘रु’ का अर्थ होता है प्रकाश (ज्ञान)। गुरु हमें अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं। जीवन मे सबसे पहला गुरु माँ होती है। जो उसे सबसे पहले जीना सिखाती है। फिर उसके बाद उसके पिता फिर वो सब गुरु है। जो उसे सीख देते है। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के हमें ज्ञान व आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिलता। उपायुक्त ने कहा कि सरकार भी शिक्षा के स्तर को सुधारने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने व शिक्षकों को भी उचित मान-सम्मान देने जैसी योजनाएं क्रियान्वित कर रही है।

उन्होंने इस अवसर पर जिले के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की कि वे अपनी इसी महत्ता को ध्यान में रखकर शिक्षा के क्षेत्र में नवपरिवर्तन के साथ बच्चो के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने में इसी प्रकार अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करते रहें। उपायुक्त ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर, रेडक्रॉस के प्रतिनिधि जतिन शर्मा सहित जिले के अनेक शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।

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