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कोरोना प्रभावित ट्रक मालिकों व ड्राइवरों के लिए व्हील्सआई ने शुरू किया ऑनलाइन सूचना एवं सहायता केंद्र

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कोरोना प्रभावित ट्रक मालिकों व ड्राइवरों के लिए व्हील्सआई ने शुरू किया ऑनलाइन सूचना एवं सहायता केंद्र

  • “ट्रक मालिक सहायता केंद्र” के नाम से यह ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से मुफ्त है। ट्रक मालिक व ड्राइवर यहाँ पर कोविद-19 के दौरान आईं ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़ी सरकारी घोषणाएं व अन्य खबरें देख सकते हैं।
  • कम्पनी लोकडाउन में फंसे ड्राइवरों के लिए देश भर में 2000 से अधिक केंद्रों पर खाने व रहने का इंतज़ाम करने में भी सहयोग दे रही है।
  • EMI भुगतान में मिली मोहलत के मद्देनजर 20 से अधिक बैंकों की ओर से जारी दिशानिर्देश और आवाजाही संबंधित दस्तावेज़ जैसे परमिट, सर्टिफिकेट, ई-पास इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध है।       कोविद-19 महामारी और उसकी वजह से हुए देशव्यापी लोकडाउन को ध्यान में रखते हुए व्हील्सआई (ट्रक मालिकों को सशक्त करने की दिशा में तेज़ी से बढ़ता हुआ एक स्टार्टअप) आगे आकर देश के ट्रांसपोर्ट उद्योग के असली ज़मीनी हीरोज़ का बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।

इसी के चलते व्हील्सआई ने ‘ट्रक मालिक सहायता केंद्र’ की शुरुआत की है। इस ऑनलाइन पोर्टल का मुख्य मकसद ट्रांसपोर्ट उद्योग की जरूरी खबरें और सरकारी घोषणाएं ट्रक मालिकों व ड्राइवरों तक पहुंचाना है। यह पोर्टल पूरी तरह से मुफ्त है और 8 भाषाओं में उपलब्ध है जिसमें अंग्रेज़ी व हिंदी के अलावा कुछ स्थानीय भाषाएं जैसे तेलगु, कन्नड, तमिल, मराठी, बंगाली और पंजाबी शामिल हैं। अन्य भाषाओं पर काम चल रहा है।

सड़क पर फंसे ट्रक ड्राइवर और मालिक देश भर में 2000 से ज्यादा जगहों पर निकटतम सरकारी या प्राइवेट खाने व रहने के इंतजाम ढूंढने में भी पोर्टल की मदद ले सकते हैं। इसी के साथ लोकडाउन में सरकार की ओर से अधिकृत निकटतम रिपेयर और रखरखाव की दुकानों का भी पता लगाया जा सकता है।

भारत का ट्रांसपोर्ट उद्योग 80 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार प्रदान करता है और इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। कोरोना महामारी के फैलने और अनिवार्य लोकडाउन की वजह से न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियां थम गई हैं। इसके मद्देनजर व्हील्सआई, ट्रांसपोर्ट जगत के सबसे बड़े हिस्सेदारों में से एक होने की हैसियत से, पूरे उद्योग की भलाई एवं ट्रक मालिकों को सशक्त कर अर्थव्यवस्था को समर्थ बनाने के लिए कार्यरत है।

“हमने आगे आ कर हमारे पास पहले से ही उपलब्ध संसाधन, पहुंच, तथा जानकारी का इस्तेमाल करते हुए ट्रक मालिक, ड्राइवर व समूचे उद्योग के सहयोग के लिए प्लेटफार्म बनाने का निर्णय लिया। हमने हजारों ट्रक मालिकों व ड्राइवरों से बात की और यह पाया कि जहां एक तरफ उनका व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट उद्योग के सहयोग के लिए सरकार की ओर से की गई कोशिशों को ले कर बड़े पैमाने पर जागरूकता की कमी है” – सोनेश जैन, व्हील्सआई के संस्थापकों में से एक जो इस पहल का नेतृत्व भी कर रहे हैं, ने हमें बताया।

“इसलिए, हमने इस तरह की तमाम जानकारी और संसाधनों को एक जगह इक्कट्ठा किया और ट्रक मालिकों व ड्राइवरों, जो कि इस महामारी में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले लोगों में से हैं, की मदद के लिए एक सहायता केंद्र शुरू किया। इसके पीछे सोच यह है कि जमीनी स्तर की दिक्कतों – जैसे EMI से जुड़े मसले, खाने व रहने से जुड़े मसले, फेक न्यूज़ पर लगाम, ट्रांसपोर्ट उद्योग की भलाई के लिए बनाई गई नीतियों के बारे में जागरूकता की कमी इत्यादि – का हल दे कर उद्योग जगत की सहायता की जाए। देश के ट्रांसपोर्ट तंत्र को फिर से परिभाषित करने में सबसे आगे खड़ी कम्पनी होने के नाते से व्हील्सआई ने नई चुनौतियों से लड़ने के लिए ऑनलाइन मदद पहुंचाने के मकसद से यह पोर्टल बनाया है।”, उन्होंने आगे बताया।

ट्रक मालिक व ड्राइवर कभी भी मदद के लिए कम्पनी की खास हेल्पलाइन +91 9990033455 पर कॉल कर सकते हैं। शुरू होने के सिर्फ 20 दिन केे भीतर ही पोर्टल को 20 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है जिसकी बदौलत 2 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा मिला है। पोर्टल से मदद पाने वाले 90% से ज्यादा लोगों ने माना कि इस से उनकी चिंताओं व समस्याओं का हल मिला है। 95% से ज्यादा लोगों ने पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को प्रासंगिकता और सहयोग के लिहाज़ से एकदम सटीक पाया।.        व्हील्सआई के बारे में:

व्हील्सआई एक तेज़ी से बढ़ता हुआ मिड-स्टेज लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप है। IIT के पूर्व छात्रों द्वारा 2017 में स्थापित हुई यह कंपनी ट्रक मालिकों को और अधिक कुशलता से व्यापार करने के लिए आसानी से इस्तमाल किये जा सकने वाले सॉल्यूशन प्रदान करती है। कंपनी एक व्यापक सिस्टम में एक दूसरे से जुड़ी कई हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सर्विसेज़ प्रदान करती है जिस से ट्रक मालिकों को व्यापार संभालने और आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। आज के दिन पूरे भारत में हर 5 में से 1 ट्रक मालिक व्हील्सआई का इस्तेमाल करता है और 4 लाख से ज्यादा ट्रक यहां रेजिस्टर्ड हैं।

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